वे स्त्री स्वातंत्र्य पर व्याख्यान देकर लौट रहीं थीं। वे शहर के गर्ल्स कॉलेज में प्रोफ़ेसर हैं। अभी अभी उम्र के तीन दशक पार किए हैं। वर्तमान में वे भारतीय समाज में स्त्री की दशा पर एक शोध ग्रंथ लिख रही हैं। अपने स्टाफ़ में वे एक दबंग और स्वाभिमानी महिला के रूप में जानी [...]
Filed under: लघुकथा | 7 Comments »





