Posted on 25 April, 2007 by अतुल शर्मा
कुत्ते इस बात पर नाराज हो ही गए कि उनके नाम को मनुष्य जब-तब जहाँ-तहाँ घसीटता रहता है। आखिर कब तक यह सब सहते रहेंगे। कोई तो सीमा होनी चाहिए। अब तो चिट्ठाजगत में भी उनके नाम का दुरुपयोग हो रहा है और यह सब ‘कौवों के राजा’ अर्थात काकेश का किया धरा है। मोहल्ले [...]
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Posted on 18 April, 2007 by अतुल शर्मा
कल ऑफ़िस से घर जाते समय कुछ सोच विचार चल रहा था। विचार तो मस्तिष्क में हमेशा ही चलते रहते हैं, एक क्षण के लिए भी रुकते नहीं हैं। जब हम सो जाते हैं तो हमारा अवचेतन कुछ न कुछ जुगाली करता रहता है। ऐसे अचानक दिमाग में यह बात कौंधी कि यदि चिट्ठा जगत [...]
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Posted on 10 April, 2007 by अतुल शर्मा
आज रविरतलामीजी के चिट्ठे रचनाकार में असग़र वजाहत का यात्रा संस्मरण पढ़ रहा था। अचानक चिट्ठे के दाईं ओर गूगल के विज्ञापन कर गई उसमें हिन्दू-इंग्लिश डिक्शनरी विज्ञापन था।
मैंने इस लिंक को क्लिक करके देखा यहाँ पर पहुँचा। लिंक यह है।
उस साइट पर ‘ए डिक्शनरी ऑफ़ उर्दू क्लासिकल हिन्दू एंड इंग्लिश, डीलक्स 2006 एडिशन’ से मुलाकात [...]
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Posted on 7 April, 2007 by अतुल शर्मा
बेनजीर भुट्टो ने अपनी आत्मकथा ‘डाटर ऑफ़ ईस्ट’ में जोड़े गए नए अध्याय में खुलासा किया है कि परवेश मुशर्रफ ने 1996 में उनसे श्रीनगर पर नियंत्रण कर वहाँ पाकिस्तानी झंडा फहराने की अनुमति माँगी थी। एक पाकिस्तानी साप्ताहिक पत्रिका ने भुट्टो की आत्मकथा के कुछ अंश प्रकाशित किए हैं जिसमें बताया गया कि यदि [...]
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Posted on 6 April, 2007 by अतुल शर्मा
[इस आलेख को लिखने वाले स्वयं को सीटीवादक कहलाना पसंद करते हैं। यहाँ ये इसी नाम से आलेख देना चाहते हैं। अब सीटीवादक नाम क्यों, ये तो वे स्वयं ही अपने शब्दों में कभी बताएँगे तो मैं और आप भी जानेंगे, परंतु मैंने इस सीटी बजाने का कुछ अंदाज लगाया है। देश के नेता जो [...]
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