क्या नारद के प्रबंधकगण बता सकते हैं?

नारद के प्रबंधकगण, जो भी हैं, यह बताएँ कि क्या नारद पर प्रतिवर्ष जनवरी में अपने ब्लॉग का पंजीकरण कराना होता है. ऐसा इसलिए लिख रहा हूँ कि दिसंबर 2006 के बाद जनवरी 2007 से मेरी पोस्ट्स नारद पर नहीं आती थीं। फ़रवरी और मार्च मेरी यह, यह, यह और यह पोस्ट नारद पर नहीं दिखाई दी अर्थात् नारद पर मेरा चिट्ठा अपडेट नहीं हुआ। मैंने सोचा कि जब सब के चिट्ठे नारद पर आ रहे हैं तो फिर वर्डप्रेस डॉट कॉम पर गड़बड़ होगी परंतु वहाँ पर पोस्ट्स दिखाई देती थीं। इसके लिए मैंने परिचर्चा ब्लॉग/वेबसाइट संबंधी सहायता में एक में थ्रेड खोला क्योंकि नारद पर संपर्क का कोई विकल्प नज़र नहीं आया। इस थ्रेड को परिचर्चा के माध्यम से जीतू भाई और मिर्ची सेठ को संदेश भी भेजे। पर कोई जवाब नहीं मिला। बहुत दिनों से घुघूती बासूतीजी के प्रश्नों के उत्तर की पोस्ट वर्डप्रेस डॉट कॉम पर ड्राफ़्ट के रूप में रखी थी। आखिरकार कल मैंने सोचा ‍कि क्यों न नारद पर एक बार फिर पंजीकरण की प्रक्रिया दोहरा कर देखी जाए। मैंने फिर से अपने चिट्ठे का पंजीकरण नारद पर किया और प्रश्नोत्तर वाली पोस्ट को पोस्ट किया। चमत्कार! मेरा चिट्ठा नारद पर नज़र आ रहा था। इस चमत्कार का चक्कर क्या है कोई बता सकता है? या यह कोई तकनीकी त्रुटि थी?

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10 Responses

  1. हे भगवान! संजयजी वाकई आपकी दृष्टि संजय वाली है। इधर पोस्ट डालते देर नहीं हुई और आपका ज़वाब हा‍ज़िर।
    वैसे मैं फिर से पंजीकरण नहीं करता तो शायद ऐसा ही चलता रहता?
    धन्यवाद, आपने शंका दूर कर दी।

  2. आप एक बार नारद के पुरालेख देखें। कभी कभी तारीख का लफड़ा हो जाता है जो मेरे साथ एक बार हो चुका है।

  3. आपकी विक्रम वेताल वाली पोस्ट २८ फरवरी के पुरालेखों में दिख रही है। कभी एसा हो सकता है कि आप एक पोस्ट ३ तारीख को लिखना शुरू करें और ५ को प्रेषित करें, मगर ब्लॉगर या वर्डप्रेस ३ तारीख ही दिखाए, तो एसे में बेचारी पोस्ट सीधे पुरालेखों में चली जाती है। प्रेषित करने से पहले हमेशा तारीख और समय देख लें और ताज़ा समय डाल दें।

    मैं नारद का प्रबंधक नहीं हूँ लेकिन एसा मेरे साथ हो चुका है तो बता रहा हूँ।
    धन्यवाद

  4. चलो, अब तो आने लग और सब लोग आप तक पहुँचने भी लगे. बधाई. 🙂

  5. लग को लगी पढ़िये ..मेरी टिप्पणी में, अतुल भाई.

  6. आपकी नारद की रेटिंग ३ हो गयी थी, क्योंकि आपने काफ़ी दिनो से नही लिखा था, या लिखा था तो नारद को खबर नही की थी।

    अब आपने दोबारा पंजीकरण किया, तब आपकी रेटिंग वापस १ कर दी गयी है, अब आपका ब्लॉग रेग्यूलरली अपडेट होता रहेगा।

    नारद से सम्पर्क करने का पता sunonarad at gmail dot com है। यह पता नारद पर साइडबार मे लिखा हुआ है, आप नारद से इस पते पर सम्पर्क करे। यदि आपका अनुसरण करेक सभी लोग अपने चिट्ठे पर पोस्ट लिखकर सवाल पूछने लगे तो यह ना तो यह युकित संगत होगा और ना ही व्यवहारिक। आपसे और बाकी सभी साथियों से निवेदन है कि अपनी समस्या के बारे मे नारद से इमेल करके पूछे, ना सुलझने पर ही पोस्ट लिखें।

  7. अनुरागजी धन्यवाद आपने विस्तार से समझाया।
    धन्यवाद समीरजी।
    जीतू भैया, दिसंबर के बाद जनवरी में मैंने कोई पोस्ट नहीं लिखी थी। फ़रवरी माह से ही इस समस्या के बारे में पता चला। अब मैं कुछ हैरान परेशान नारद पर ‘संपर्क’ का बटन ढूँढ रहा था। मैंने ठीक से नहीं देखा वह मेरी ग़लती है और मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूँ। और चूँकि संपर्क का तरीका नहीं पता था (अपनी ही ग़लती के कारण) इसलिए पोस्ट लिखी। वैसे ज‍ीतू भाई मैंने आपसे परिचर्चा के माध्यम से भी संपर्क किया था परंतु यह भी शायद ग़लत रास्ता था इसलिए कोई ज़वाब नहीं मिला।

  8. आपकी वापसी पर बधाई, उम्मीद है अबसे आपका लेख पढने को मिलेगा। लिखते रहें

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